डेस्क:- बाढ़ मकर संक्रांति के अवसर पर विभिन्न गंगा घाटों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उम्र पड़ी है।इसी करी में बाढ़ के उमानाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। मकर संक्रांतिपौष मास में जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है उस दिन इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पन्द्रहवें दिन ही पड़ता है, इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है।

मकर संक्रांति पर गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़

मकर संक्रांति का समय उस समय से माना जाता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश14जनवरी की रात्रि9बजकर49मिनट पर हो रहा है..

मकर संक्रांति पर गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़

विद्वान आचार्यों के अनुसार, मकर संक्रांति पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक शुभ परिवर्तन माना जाता है। इस दिन किया गया दान विशेष फल देता है। खिचड़ी में प्रयुक्त चावल, दाल और घी को सात्विक आहार माना गया है, जो सूर्य को अर्पित करने के लिए उपयुक्त समझा जाता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। यही कारण है कि स्नान के बाद खिचड़ी का दान कर उसे प्रसाद रूप में ग्रहण करने की परंपरा बनी। यह धार्मिक भावना लोगों को संयम और सेवा का संदेश भी देती है।

बाढसेअजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट