Desk: राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन, बिहार के राजेन्द्र मंडप में ’एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत आयोजित उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रदेश भी है। बिहार और उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान और बोलचाल में अनेक समानताएँ हैं। भले ही बोलचाल में इस्तेमाल किये जानेवाले शब्द अलग हो, लेकिन उनका भाव (Spirit) एक ही होता है।

उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति भले ही अलग-अलग हो, परन्तु हम सब एक हैं। इस भावना को अधोरेखित करने की आवश्यकता है। सभी राज्य के लोग अपनी भाषा, संस्कृति आदि को बनाये रखें परंतु वे जिस राज्य में रहें, वहीं का होकर रहें। इसी में हमारी एकता है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में सभी लोगों का योगदान है, चाहे वे किसी भी राज्य से आकर यहाँ रह रहे हों।

राज्यपाल ने कहा कि हम सभी भारतवासी आपस में एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं और इस एकता के सूत्र के कारण ही भारत के किसी एक राज्य के लोगों को तकलीफ होने अथवा उनपर विपत्ति आने पर दूसरे दूरस्थ राज्यों के लोगों को पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सुरंग में फँसे सभी 41 मजदूरों के लिए पूरा देश चिंतित था और उनसे परिचित नहीं होने के बावजूद भी सभी देशवासी उनके सकुशल बाहर निकलने के लिए दुआएँ कर रहे थे तथा उनके बाहर आने पर सब ने खुशी जाहिर की। यह हमारे देशवासियों का एक-दूसरे के प्रति प्रेम और अपनापन की भावना तथा आपसी एकता का प्रतीक है जिसे बनाए रखने की आवश्यकता है। एकता का सूत्र ही हमारी शक्ति है। पूरा भारत एक है और इसीलिए यह श्रेष्ठ है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश का विभाजन एकता की कमी के कारण हुआ। इतिहास साक्षी है कि जब-जब हमारे एकता में कमी आई, हमारा पतन हुआ और जब-जब हम एक हुए, हमारा भारत श्रेष्ठ बना। हमारी एकता में ही भारत की श्रेष्ठता है। राज्यपाल ने विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा अपने देश के संबंध में प्रतिज्ञा (Pledge) लेने की चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी भारतमाता की संतान हैं और यही हमारी एकता का सूत्र है जिसे सुदृढ़ बनाने की जरूरत है। एकता के कारण ही भारत श्रेष्ठ है।

राज्यपाल ने इस अवसर पर भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा भारतीय नृत्य कला मंदिर के सौजन्य से उत्तर प्रदेश की संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

इस अवसर पर पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल॰ चोंग्थू, बिहार में पदस्थापित उत्तर प्रदेश के पदाधिकारीगण एवं उनके परिजन, बिहार में पढ़ाई कर रहे उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राएँ, बिहार में रह रहे उत्तर प्रदेश के महानुभावगण तथा राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं कर्मीगण उपस्थित थे।

