Desk: बिहार विधानपरिषद (Bihar Legislative Council) की 11 सीटों के लिए नॉमिनेशन (Nomination) आज ( 4 मार्च) से शुरू हो गया। शेड्यूल की बात करे तो नामांकन (Nomination) की अंतिम तिथि 11 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 12 मार्च को की जाएगी। उम्मीदवार अपना नामांकन 14 मार्च तक वापस ले सकते हैं। 21 मार्च को मतदान (Voting) कराया जाएगा, जबकि 21 मार्च को मतों की गिनती (Counting) होगी। 23 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया को पूरा करा लिया जाएगा।
मई महीने में जिन माननीयों का कार्यकाल खत्म हो रहा है उसमें बीजेपी के शाहनवाज हुसैन (Sahnawaz Hussain), मंगल पांडेय (Mangal pandey), संजय पासवान (Sanjay Paswan) जेडीयू के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), पूर्व मंत्री संजय झा (Sanjay Jha), खालिद अनवर (Khalid Anwar), रामेश्वर महतो (Rameshwar mahto), राजद से राबड़ी देवी (Rabri Devi), रामचंद्र पूर्वे (Ramchandra Purve), कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा (Premchandra Mishra) और हम के संतोष कुमार सुमन (Santosh Kumar Suman) का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 5 मार्च को नॉमिनेशन कर सकते हैं।
विधानपरिषद की एक सीट पर जीत के लिए विधानसभा के 21 सदस्यों के वोट की जरूरत होगी। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से एनडीए आसानी से 6 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। जबिक महागठबंधन के पांच सीटों पर जीत के लिए 105 विधायकों की जरूरत होगी जिसमें थोडी संशय है। जानकारों की माने तो एनडीए सरकार के विश्वास मत के दौरान आरजेडी के चार विधायक टूटकर जेडीयू के साथ आ गए थे। इधर कांग्रेस और आरजेडी के विधायक ने भी बीजेपी की ओर से रूख किया है। ऐसे में विपक्ष को पांच सीटें हासिल करने में एड़ी चोटी का जोड़ लगाना पड़ेगा।
अगर विधानसभा में दलगत स्थिति की बात करे तो 78 विधायकों के साथ बीजेपी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी है। राजद (RJD) के 4 विधायक के पाला बदलने से अब संख्या 74 बच गई है। जेडीयू (JDU) के 45, हम के 04 विधायक है। वहीं कांग्रेस (Congress) के 19 विधायक हैं, भाकपा माले के 11, माकपा और भाकपा के चार और एक निर्दलीय और एआईएमआईएम (AIMIM) के एक विधायक हैं।

