BIHAR NEWS : TRE-4 बहाली, अनेकों पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई और बेरोजगारों के सम्मान पर आइसा का राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान जारी
पटना : आइसा बिहार द्वारा 28 मई से शुरू किया गया यह हस्ताक्षर अभियान NEET UG, AEDO, SSC GD जैसे अनेकों पेपर लीक व TRE-4 बहाली के सवाल के साथ बेरोजगार युवाओं के अपमान के खिलाफ चलाया जा रहा है. यह अभियान राज्य के विभिन्न जिलों में, मुख्यतः पटना, छपरा, आरा, सिवान के कोचिंग संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, विद्यालयों, खेल मैदानों, बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है. अभियान को छात्रों, युवाओं, अभिभावकों एवं आम नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है.
आइसा ने कहा है कि देश में लगातार विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक,परीक्षा घोटालों और भर्ती अनियमितताओं की घटनाएं सामने आ रही हैं. इन घटनाओं ने करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है. वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद भी छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया नहीं मिल रही है. यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है.
आइसा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA)लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही है. पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की लगातार घटनाओं के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है. संगठन नेNTAको भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से हटाने की मांग दोहराई. बिहार मेंTRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन पर हुए दमन,लाठीचार्ज और मुकदमों के खिलाफ संगठन का कहना है कि रोजगार मांगने वाले युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. सरकार कोTRE-4 बहाली सुनिश्चित करनी चाहिए,अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने चाहिए तथा आंदोलन पर हुए दमन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
हाल के दिनों में संघर्षरत एवं बेरोजगार युवाओं को“कॉकरोच”कहकर संबोधित किए जाने की भी आइसा ने कड़ी आलोचना की. संगठन ने कहा कि यह बयान देश के करोड़ों मेहनतकश छात्र-युवाओं,बेरोजगारों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का गंभीर अपमान है. छात्र-युवा इस अपमानजनक मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे और शिक्षा,रोजगार तथा सम्मान के अधिकार की लड़ाई को और मजबूत करेंगे. 10 जून तक चलने वाले इस राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से पूरे बिहार से लाखों की संख्या में हस्ताक्षर एकत्र किए जा रहे हैं. अभियान समाप्त होने के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजकर पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर कठोर कार्रवाई, TRE-4 बहाली,छात्रों-युवाओं पर दमन बंद करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की जाएगी. आइसा बिहार राज्य परिषद ने सभी छात्र-युवाओं,अभिभावकों,शिक्षकों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस हस्ताक्षर अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और शिक्षा,निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था तथा रोजगार के अधिकार की लड़ाई को मजबूत करें. यह संघर्ष केवल छात्रों और युवाओं का नहीं,बल्कि देश के भविष्य को बचाने का संघर्ष है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--





